इस अस्पताल में चलता है बेखौफ दलालों का सिक्का, जानकर हो जायेंगे हैरान

दलालों के इस गोरखधंधे के चलते वहां पहुंचने वाले मरीजों में दहशत व्याप्त है।

कानपुर देहात।स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की लापरवाही के चलते कानपुर देहात के जिला अस्पताल में निजी अस्पतालों के दलाल बेखौफ होकर अपने पेशे में मशगूल हैं। दलालों के इस गोरखधंधे के चलते वहां पहुंचने वाले मरीजों में दहशत व्याप्त है। ये दलाल अस्पताल के बाहर अड्डा बनाकर मरीजों पर नजर गड़ाये रहते हैं और मौका पाकर बच्चों को या तो परिजनों से बात करके ले जाते हैं या जबरन उठाकर निजी अस्पतालों में भर्ती कराते हैं। ऐसा ही एक मामला जिला अस्पताल में सामने आया है। परिवारीजनों के इनकार करने के बावजूद जिला अस्पताल में भर्ती उनके बच्चे को बेड से उठाकर युवक ने भागने की कोशिश की। जब तक वह बाहर खड़ी बोलेरो के पास पहुंचता कि तब तक परिवारीजन पीछा करते हुये पहुंच गये और उससे अपना बच्चा छीन लिया। हंगामा शुरू होते ही युवक व उसके साथी बोलेरो छोड़कर भाग निकले।सूचना पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने बोलेरो कब्जे में नहीं ली। इसका फायदा उठाकर आरोपी युवक का साथी बोलेरो लेकर फरार होने मे कामयाब हो गया। देर रात तक बच्चे का पिता तहरीर लेकर भटकता रहा, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला।
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कैसे होता है यहां ये खेल
थाना मंगलपुर के जुरिया गांव निवासी रणजीत सिंह ने बताया कि वह खेती करके अपना परिवार चलाता है। उन्होंने बताया कि उनका 15 महीने का बेटा प्रद्युम्न घर की सीढ़ियों से गिर गया था। चेहरे व नाक में चोट आने पर बेटे के बाबा रामप्रसाद झींझक सीएचसी ले गये, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इसके बाद वह जिला अस्पताल ले आये, जहां इमरजेंसी वार्ड में बच्चे का इलाज चल रहा था। रामप्रसाद ने बताया कि बच्चे को ड्रिप लगाई गयी थी और परिवारीजन बाहर बैठे बाते कर रहे थे। इस दौरान एक युवक वार्ड में घुसा और बच्चे की ड्रिप निकालकर उसे गोद में लेकर बाहर जाने लगा। यह देख परिवार जनों ने युवक को बच्चा लेकर बाहर खड़ी बोलेरो की तरफ बढ़ता देख पीछा कर बच्चा उससे छुड़ा लिया। रणजीत ने अस्पताल प्रशासन व पुलिस को बताया कि घटना से पहले एक युवक आया था और बच्चे को डिस्चार्ज करा निजी अस्पताल मे भर्ती कराने का दवाब बना रहा था, लेकिन उसने इनकार कर दिया था।
ऐसी रही पुलिस की कार्यशैली
पीड़ित के अनुसार उसकी बात सुन इंस्पेक्टर ने तहरीर थाने में देने की बात कही और बिना कोई कार्रवाई किये वहां से चले गये। तब उसने दोबारा बच्चे को वार्ड में भर्ती कराकर ड्रिप लगवाई। बीएचटी देखने पर पता चला कि आरोपी युवक ने मरीज को अपनी मर्जी से ले जाने की बात लिखी थी, जिससे अस्पताल प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े हो गये हैं।
सीएमएस डा. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना दिये जाने पर तत्काल इंस्पेक्टर अस्पताल आये थे और तहरीर थाने भेजने की बात कहकर चले गये थे। इस सम्बंध मे इंस्पेक्टर एके सिंह का कहना है कि जब वह अस्पताल पहुंचे तो बोलेरो नहीं थी। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जायेगी। वहीं पुलिस कप्तान प्रभाकर चौधरी ने बताया कि मामला संज्ञान मे आया है। कोतवाली में बच्चे के परिजनों ने तहरीर दी है। मुकदमा दर्ज करा आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।

 

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