बिहार के लिए रोल मॉडल बना हैलट

article-2655556-1eae383900000578-973_634x389बिहार की टीम में शामिल जनरल मैनेजर सुनील कुमार सिंह ने बताया, रेल हादसे में घायल बिहार के यात्रियों ने हैलट में इलाज के बेहतर प्रबंध की काफी तारीफ की है। बिहार के मुख्यमंत्री के निर्देश पर अनुभव साझा करने के लिए उन्हें यहां भेजा गया ताकि बिहार में अगर इस तरह का कोई हादसा हो तो वहां बेहतर ढंग से राहत कार्य को अंजाम दिया जा सके। उन्होंने बताया, अगले माह बिहार में गुरु पर्व का भव्य आयोजन होने जा रहा है, जिसमें दुनिया भर से 25 लाख लोग आयेंगे। इसके चलते भी वह लोग अनुभव शेयर करने आये हैं। उन्होंने कहा, हैलट में बड़े पैमाने पर पहुंचे घायलों को बेहतर उपचार दिया जाना बड़ी उपलब्धि है। कानपुर देहात की सीएमओ ने जिला अस्पताल में इलाज का बेहतर प्रबंध किया। बेहतर प्रबंधन के चलते वहां पोस्टमार्टम हाउस में कम समय में 150 शवों का पोस्टमार्टम संभव हो सका। उन्होंने बताया, भविष्य में हैलट के अफसर व डॉक्टरों को बेहतर इलाज प्रबंधन के अनुभव शेयर करने के लिए बिहार आमंत्रित करने की भी योजना है।

बिहार के सीएम के निर्देश पर हैलट आयी पांच सदस्यीय टीम

कानपुर। पुखरायां स्टेशन पास हुए इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे की जांच शुक्रवार को पूरी की ली गई। रेल संरक्षा आयुक्त जांच रिपोर्ट रेल मंत्रालय को सौंपेंगे। इन्दौर-पटना एक्सप्रेस 20 नवम्बर को तड़के दुर्घटना का शिकार हो गई थी। इस हादसे में 151 यात्रियों की जान गई, जबकि 300 से ज्यादा घायल हुए। हादसे की जांच पूर्व में तीन दिन तक रेल संरक्षा आयुक्त ने की थी। लेकिन फिर दोबारा जांच शुरू हुई, जो 30 नवम्बर व 1 नवम्बर को की गई। शुक्रवार को सीआरएस पीके आचार्या ने ट्रेन चालक व गार्ड से तीसरी बार पूछताछ की, जबकि अन्य कई रेल कर्मियों से भी लिखित बयान लिये गए। उत्तर मध्य रेलवे, इलाहाबाद जोन के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि जांच पूरी हो गई है। अब रेल संरक्षा आयुक्त को अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।
गणोश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कालेज (जीएसवीएम) से सम्बद्ध लाला लाजपतराय चिकित्सालय (हैलट) बिहार के लिए रोल मॉडल बन गया है। हाल में पुखरायां मे हुए पटना-इंदौर एक्सप्रेस रेल हादसे में घायल लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए हैलट को यह उपलब्धि मिली है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन लिमिटेड की पांच सदस्यीय टीम हैलट पहुंची। टीम ने यहां के प्राचार्य व अधिकारियों के साथ बैठक की और बेहतर इलाज प्रबंधन को लेकर अनुभव साझा किये। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) की पांच सदस्यीय टीम सुबह हैलट पहुंची। टीम में जनरल मैनेजर संजीव रंजन, सुनील कुमार सिंह, डॉ. संजय कुमार, अमन आनंद व नवीन सिंह शामिल थे। पांच सदस्यीय टीम ने जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार, हैलट के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरसी गुप्ता, सीएमएस डॉ. निर्लेश चंद्र त्रिपाठी के साथ बैठक की।

बैठक में टीम के सदस्यों ने रेल हादसे में घायल यात्रियों के इलाज के बेहतर प्रबंधन के बारे में जानकारी ली। इसके अलावा टीम कानपुर देहात गयी और वहां की सीएमओ डॉ. अनीता सिंह से मिली। कानपुर देहात के पोस्टमार्टम हाउस भी टीम गयी। शाम को टीम अमौसी एयरपोर्ट से बिहार के लिए रवाना हो गयी। हैलट के प्रमुख अधीक्षक डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया, पुखरायां रेल हादसे के बाद हैलट में 68 घायल यात्री भर्ती किये गये थे। इनमें एक यात्री की उपचार के दौरान मौत हुई थी। बाकी घायल बचा लिये गये। रेल हादसे में घायल होने वाले अधिकांश यात्री बिहार के भी थे। बेहतर इलाज प्रबंधन का श्रेय पूरी टीम को जाता है। सीनियर व जूनियर डाक्टरों की टीम दिन रात घायलों के इलाज में जुटी रही। बिहार सरकार की नजरों में हैलट रोल मॉडल के रुप में उभरा है।

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