कानपुर,पापा भी बिना हेलमेट जाएं तो टोक देना-यातायात सीओ

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17_11_2016-17कानपुर-संवाददाता : पापा भी बिना हेलमेट जाएं तो टोक देना, बिना सीट बेल्ट कार चलाएं तो उन्हें उसके फायदे बता कर पहना देना। ये बातें बीएनएसडी शिक्षा निकेतन में यातायात जागरूकता माह के तहत आयोजित कार्यशाला में एसपी यातायात सर्वानंद यादव ने छात्र-छात्राओं से कहीं। साथ ही यातायात नियमों कीं जानकारी देने के साथ यातायात से जुड़े सवालों का जबाव दिया।
टीएसआई मनोज कुमार ने कहा कि यातायात नियम के पालन करने से सुगम यातायात के साथ सुरक्षित सफर रहता है। यातायात सीओ रणविजय सिंह ने बच्चों से कहा कि यातायात नियम पालन करें, आसपास के लोगों को प्रेरित करें। एक बच्चा कम से कम दस लोगों को यातायात नियमों को पालन करने का संदेश दे सकता है। यदि यह चेन चलती रहे तो शहर में हर एक के पास यातायात नियमों से जुड़ी जानकारी पहुंच सकती है। इस दौरान स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी मौजूद रहे।

नन्हें वैज्ञानिकों ने दिखाई भविष्य की तस्वीर:

आने वाले समय में वाहन नो पार्किंग जोन में पहुंचेंगे तो सेंसर बज उठेगा। हाइड्रोलिक (पानी के प्रेशर से चलने वाली) लिफ्ट तैयार होगी। पंखा चलेगा तो बिजली पैदा होगी और बल्ब जलेगा। कुछ ऐसी ही तस्वीर गुरुवार को बालभवन फूलबाग में आयोजित विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी में नन्हे वैज्ञानिकों ने पेश की। प्रदर्शनी में विभिन्न स्कूलों के बच्चों के मॉडल देखकर हर कोई दंग रह गया।

17_11_2016-17lal-14-c-2बीएलओ एजुकेशन सेंटर बिरहाना रोड के संस्कार गौड़ व उनकी टीम ने नो पार्किंग जोन बनाया था। इस जोन में जैसे ही वाहन पहुंचा वैसे ही सेंसर की एक्टिव हुआ और सायरन बज उठा। निर्णायक मंडल में डॉ. सुषमा रानी और डॉ. आईसी तिवारी ने इसे प्रथम पुरस्कार के लिए चुना। दूसरा पुरस्कार ज्वालादेवी विद्या मंदिर आनंद बाग की शुभांगी मालवीय को मिला। उन्होंने वेस्टेज सामान से पेरिस्कोप बनाया था। तीसरा पुरस्कार जीएनके विद्यामंदिर के श्रेयांश गुप्ता और प्रियांशु कलवार को मिला। उन्होंने स्कूटर के ट्यूब में पानी भरकर वेइंग मशीन तैयार की थी। सेन बालिका विद्यालय की श्रेयांशी मिश्रा ने बोतल से वैक्यूम क्लीनर और रमशा फातिमा ने हाइड्रोलिक लिफ्ट तैयार की। बच्चों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उप्र सर्राफा बजार के कोषाध्यक्ष रामनाथ महेंद्र ने कहा कि बच्चों के वैज्ञानिक मस्तिष्क को देखकर उन्हे प्रसन्नता हुई। बालभवन सदैव बच्चों में संस्कारों का निर्माण करता रहा है। इससे पूर्व उन्होंने विशिष्ट अतिथि डॉ. शुकांत पांडेय के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। जिला बाल कल्याण समिति के महामंत्री हरिभाऊ खांडेकर, निदेशक नीरज प्रकाश, कुंज बिहारी, भोलानाथ शुक्ल, विनोद शंकर दीक्षित, एमके ताज, निर्मल सहदेव आदि उपस्थित रहे।


पंखा चला और जल गया बल्ब

पिता के साथ इलेक्ट्रिक की दुकान में बैठे-बैठे ही निखिल तिवारी को लगा ऐसा कुछ बनाया जाए जिससे बिजली पैदा हो। टेबुल फैन के पीछे टरबाइन लगाकर बिजली पैदा की। इससे निकला डीसी करंट कनवर्टर लगाकर एसी में बदला और उससे बल्ब जल गया। निखिल कहता है कि भविष्य में भी वह ऐसा कुछ बनाना चाहता है जिससे बिजली की कम से कम खपत हो।

यह हुए पुरस्कृत

-गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता में राजवीर, सिद्धांत, संध्या व सीनियर वर्ग में अक्सा, शबनम, अरमान

-कंचा चम्मच प्रतियोगिता में शीबू, अफसाना व रवि

-रस्सी कूद में शिफा नाज, शाहिना और शाहिबा

-बिस्कुट प्रतियोगिता में शारिक, जुनैद और दिशान

-कंगारू रेस में रहमान, हिमांशु और शिवा

-तीन टांग में शमीउल्ला-अशफाक, हर्ष-ओम जी और जुनैद-प्रेम

-चित्रकला प्रतियोगिता के कनिष्ठ वर्ग में गौतम रघुवंशी, पुतुल सिंह, महादेव बेरा, ईशा वर्मा और वरिष्ठ वर्ग में सोमनाथ मुंडा, मोहित पाल, वैष्णवी कश्यप व अमन गुप्ता

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