कानपुर छोड़ो मिलावटखोरों-2 | सावधान! सोना नहीं सोणा

कानपुर:सराफा बाजार में पाउडर, रांगा और सीसा मिले गहनों ने सेंध लगा दी है। गंभीर बात ये है कि इस मिलावट को पारखी जौहरी भी नहीं पकड़ पा रहे। मिलावट से ज्वैलरी में सोने की मात्र 60 से 65 फीसदी ही होती है। हिन्दुस्तान ने त्योहारी सीजन में बाजार की पड़ताल की तो कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। लाल बंगला में तो मिलावटी गहने तैयार करने का कारखाना भी लग गया। हमने व्यापारियों, जौहरियों तथा हालमार्क जारी करने वाली एजेंसी के लोगों से बात की तो मिलावट से बचने के तरीके भी बताए गए।जेवर में मिलावट से बचने के लिए दो तरीके हैं। भरोसे की दुकानों से ही ज्वैलरी खरीदें या हालमार्क ज्वैलरी खरीदें। संदेह होने पर ज्वैलरी की हालमार्क सेंटर पर जांच कराएं। पाउडर मिली ज्वैलरी की आवक से अच्छे और बड़े शोरूम संचालक भी परेशान हैं। उनका कहना है कि बड़ी मुश्किल से सात माह बाद बाजार पटरी पर लौटा है। अब पाउडर मिली ज्वैलरी साख के 24 कैरेट सोने की साख पर लगा बट्टा : कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी होने के चलते देश, प्रदेश और शहर में बड़ी मात्र में नेपाल के रास्ते तस्करी का सोना आ रहा है। इस तस्करी वाले सोने में पाउडर की मिलावट की गई है। अब बाजार में हालमार्क छोड़ 30 फीसदी जो सोना है उसमें पाउडर मिला है इसलिए ग्राहक को इस बार दिवाली में जेवर खरीदने से पहले फूंक-फूंककर कदम रखना होगा। नहीं तो उन्हें ठगे जाने से कोई रोक नहीं पाएगा। जो मशीनें यहां पर जेवर की जांच के लिए लगाई गई हैं वो पाउडर की जांच करने में सफल नहीं है। इस तरह के की सबसे ज्यादा चेन भी आ रही है।

Report:अंकित सैनी

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