मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने चलाया हस्ताक्षर अभियान , तीन तलाक पर विरोध के सुर तेज

एक बार में तीन तलाक पर केन्द्र के जवाब और समान सिविल संहिता के लिए विधि आयोग के पूछे गए सवालों पर मुस्लिम संगठनों का विरोध बढ़ रहा है। रविवार को मुस्लिम समुदाय की शीर्ष संस्था ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने हलीम चौराहे पर हस्ताक्षर कैम्प लगवाकर तीन लाख से अधिक हस्ताक्षर कराने में सफलता पाई। गद्दियाना में ऑल इण्डिया गरीब काउंसिल ने विरोध प्रदर्शन किया। जमाअत-ए-इस्लामी हिन्द ने 30 अक्तूबर को हलीम कॉलेज में महिलाओं का सम्मेलन बुलाया है। हलीम इण्टर कॉलेज चौराहे पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने शहर में पांच लाख हस्ताक्षर का लक्ष्य रखा है। इसमें से तीन लाख का आंकड़ा पाने में वो कामयाब रहे। महिलाओं की संख्या में भी इजाफा रहा । रविवार को बोर्ड के सदस्य और शिया शहर काजी अली अब्बास खां नज्फी, सदस्य मोहम्मद सुलेमान, जमीअत अहले हदीस के सदर हाजी मोहम्मद इकबाल और शारिक नक्शबन्दी ने हिस्सा लिया। सुप्रीम कोर्ट भेजेंगे हस्ताक्षर : बोर्ड के सदस्य मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि सभी हस्ताक्षर फार्म बोर्ड को भेजे जाएंगे। यहां इन्हें स्कैन किया जाएगा। वेबसाइट पर डाला जाएगा। हार्ड डिस्क के माध्यस मे इसे सुप्रीम कोर्ट को दिया जाएगा।

गदियाना में गरीब नवाज कौंसिल की ओर से रविवार को विरोध-प्रदर्शन किया गया।

गरीब नवाज काउंसिल ने एक बार में तीन तलाक के मुद्दे पर अदालत को दिए गए जवाब और समान नागरिक संहिता के विरोध में गद्दियाना में मार्च निकाला। इसमें मदरसों के इमाम, शिक्षक और छात्र शामिल हुए। इस मौके पर काउंसिल के महासचिव मौलाना हाशिम अशरफी ने कहा कि शरीयत (इस्लामी कानून) में हस्तक्षेप का अधिकार किसी को नहीं है। इसमें किसी भी तरह के हस्तक्षेप की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मौलाना मोहम्मद मेहताब आलम कादिरी, मोहम्मद शाह आजम बरकाती, मास्टर इकबाल अहमद, मौलाना फतेह, मौलाना फैसल, मौलाना परवेज अख्तर अलीमी और मौलाना शब्बीर आलम आदि मौजूद थे।

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