केस्को : सीढि़यों पर टिकी फॉल्ट बनाने की व्यवस्था होगी खत्म

KANPUR: आने वाले समय में इलेक्ट्रिसिटी लाइनों के फॉल्ट, ब्रेकडाउन बनाने के लिए अब केस्को इम्प्लाइज सीढि़यां घसीटते नजर नहीं आएंगे। सीढि़यों की जगह केस्को हाइड्रोलिक लेडर गाडि़यों का इस्तेमाल करेगा। जिससे फॉल्ट और ब्रेकडाउन जल्दी बन जाएगा। लोगों को पावर क्राइसिस से जल्द छुटकारा मिल जाएगा। इसके साथ ही करंट की चपेट में आकर होने वाले हादसों पर काफी हद तक ब्रेक लगेगा। बड़ी, छोटी और मीडियम हाइड्रोलिक लेडर के लिए केस्को ने कम्पनीज से प्रपोजल मांगे हैं.

3000 किलोमीटर लंबी लाइनें

सिटी में तीन हजार किलोमीटर लंबी इलेक्ट्रिसिटी लाइनें दौड़ रही हैं। इसमें 388 किलोमीटर लंबी 33 हजार वोल्ट की लाइनें हैं। जो कि 220 केवी के पनकी, आरपीएच, बिठूर, कानपुर साउथ रुमा और 132 केवी आजाद नगर, कृष्णा नगर, मेहरबान सिंह का पुरवा, दादा नगर आदि 132 केवी ट्रांसमिशन स्टेशनों से केस्को सबस्टेशनों तक गई है। इसी तरह केस्को के 82 सबस्टेशनों से करीब 4500 डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर्स तक 1012 किलोमीटर 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइनें शहर में दौड़ रही है। वहीं डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर्स से घरों, मार्केट्स आदि को रोशन करने के लिए केस्को ने लगभग 1795 किमी। लाइन बिछाई हैं.

फॉल्ट बनाने में देरी, हो चुके कई हादसे

केस्को के सिटी में 18 डिवीजन है। लगभग हर हाईटेंशन लाइनों के टूटने, डिस्क इंसुलेटर पंचर होने, जम्फर उड़ने जैसे समस्याओं का रोज केस्को इम्प्लाइज को सामना करना पड़ता है। इन्हें सही करने के लिए केस्को इम्प्लाई लंबी सीढि़यों को ब्रेकडाउन की जगह तक पैदल ट्रालियां, सीएनजी वैन के जरिए केस्को इम्प्लाइ ले जाते हैं। 13 से 15 मीटर ऊंची इन सीढि़यों के जरिए हाईटेंशन लाइनों व इलेक्ट्रिसिटी पोल में हुए फॉल्ट्स को सही करते हैं। इस दौरान केवल एक इम्प्लाई ही फाल्ट बना पाता है। जिससे फाल्ट बनाने में खासा समय लगता है और लोगों को पॉवर क्राइसिस से जूझना पड़ता है। कई बार हाईटेंशन लाइन के फाल्ट बनाने के दौरान हादसे हो चुके हैं। जिसमें रतनपुर, आलूमंडी, बिजली घर, फूलबाग आदि डिवीजनों में फाल्ट बनाने के दौरान करंट की चपेट में आकर और सीढि़यों से गिरकर इम्प्लाइज की मौत भी हो चुकी है।

एक साथ कई इम्प्लाई कर सकेंगे काम

इन समस्याओं के लिए केस्को ने नगर निगम की स्ट्रीट लाइट सही करने में इस्तेमाल की जाने वाली हाइड्रोलिक लेडर गाडि़यां खरीदने की तैयारी है। फिलहाल एक- एक बड़ी, छोटी और मीडियम साइज की हाइड्रोलिक गाड़ी खरीदने की केस्को ने तैयारी की है। गाडि़यों के लिए कम्पनीज से प्रपोजल मांगे गए हैं। अफसरों के मुताबिक हर हाइड्रोलिक लेडर में एक स्पेशल गैंग रहेगी। जो कन्ट्रोल रूम से अटैच होगी। बड़ा फॉल्ट होने पर तुरन्त मौके पर भेज दी जाएगी। इसके बाद हर डिवीजन के लिए एक- एक गाड़ी मुहैया कराई जाएगी। जिससे कि हाईटेंशन व एलटी लाइनों में होने वाले फाल्ट जल्द से जल्द बन सकेंगे। साथ ही करंट लगने व सीढि़यों से गिरकर होने वाले हादसों को रोका जा सके। हर डिवीजन में एक गाड़ी हो जाने पर एलटी लाइनों पर होने वाले फॉल्ट्स में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा।

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इलेक्ट्रिसिटी लाइन

33 हजार वोल्ट की लाइन- 388 किमी.

11 हजार वोल्ट की लाइन- 1012 किमी.

एलटी लाइन- 1795 किलोमीटर

 

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