Rasulabad: यहां राजनीति से दौड़ता है तारों में करेंट, बना चुनाव का अहम मुद्दा

यहां राजनीति से दौड़ता है तारों में करेंट, बना चुनाव का अहम मुद्दा –

कानपुर। प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था को लेकर आये दिन सुर्खियों में बनी रहती है। चाहें वह घाटमपुर का थर्मल पावर प्लांट हो या स्थापित पनकी विद्युत प्लांट हो। लेकिन यहां से शहरों कस्बों व गांवों में होने वाली विद्युत आपूर्ति से लोग बेहाल होते जा रहे हैं। सत्ता के गलियारे में एक तरफ तो राजनीतिज्ञ कुर्सी को हथियाने के लिये बिजली की चरमराई व्यवस्था को चुनावी मुद्दा बनाकर मतदाताओं को लुभाते हैं। दूसरी तरफ कुर्सी मिलते ही बिजली की समुचित व्यवस्था के बड़े बड़े दावे करते हुये नहीं थकते हैं।

कन्नौज लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जनपद कानपुर देहात के वीआईपी क्षेत्र कहे जाने वाले रसूलाबाद, झींझक, कहिंझरी, तिस्ती, असालतगंज, ककवन, मंगलपुर, कंचैसी आदि क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। दिन में अनवरत 3 घंटे की कटौती व शाम होते ही बिजली की आंख मिचैली ने लोगों की नाक में दम कर रखा है। समस्याओं से त्रस्त होकर जब उपभोक्ता विद्युत अधिकारी से सम्पर्क करना चाहें तो मोबाइल बंद बताता है। जिससे यह स्पष्ट होता है कि सफेदपोश या तो जनता को बेवकूफ बना रहे हैं, या फिर लोगों के बीच अपनी छवि खराब कर रहे हैं।

दो वर्ष पहले फुल अब 12 घंटे गुल2012

प्रदेश में समाजवादी सरकार बनने के दौरान कन्नौज लोकसभा क्षेत्र के वीआईपी क्षेत्र रसूलाबाद जहां से सपा विधायक के रूप में शिवकुमार बेरिया को जनता ने चुना था। एक वर्ष गुजरने के बाद रेशम एवं वस्त्र उद्योग मंत्रालय मिलने के बाद उन्होंने झींझक विद्युत सबस्टेशन से मिलने वाली विद्युत आपूर्ति को 24 घंटे के आदेश दिये थे। हालांकि जिसके बाद वीआईपी क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति 24 घंटे मिलने से लोगों की समस्यायें खत्म हुयी। लेकिन 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान कन्नौज से डिम्पल यादव को भारी मतों से जिताने का एलान करते हुये शिवकुमार बेरिया ने झींझक, रसूलाबाद सहित वीअईपी क्षेत्र से वोट न मिलने पर विद्युत व्यवस्था चौपट होने की बात कही थी। मुख्यमंत्री की पत्नी के महज थोड़े वोट से ही सांसद बनने के बाद मुख्यमंत्री की नाराजगी का खामियाजा शिवकुमार बेरिया को मंत्री पद गंवाकर भुगतना पड़ा। जिसके बाद क्षेत्र के लोगों को फिर से वही 12 घंटे बिजली से गुजारा करना पड़ रहा है। फिलहाल लोगों का कहना है कि नेता गिरी से बिजली का पुराना रिश्ता है।

रोस्टर को धोखा दे रहा बिजली विभाग

जिले के कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति लोगों को खून के आंसू रुला रही है। कन्नौज क्षेत्र के झींझक, रसूलाबाद को 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर है। वहीं जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे का रोस्टर है, लेकिन नियत रोस्टर पर बिजली आपूर्ति पर प्रतिदिन होने वाले फाल्ट भारी पड़ता है। जबकि दो साल पहले ये फाल्ट गुम हो गये थे। कभी ढीले तार कभी 33 हजार फेल होना, कभी खम्भे टूटना इस तरह मरम्मत में ही रोस्टर खत्म हो जाता है। कभी कभी तार टूटकर गिरने से हादसे हो जाते हैं। बिजली की जर्जर हालत से चक्की, कारखाने सहित व्यापारियों के व्यापार चैपट होते जा रहा है।

बिजली की आंख मिचैली सहित रोजाना होने वाले फाल्ट के चलते किस क्षेत्र के कितनी बिजली मिलती है। डेरापुर में 7-8 घंटे, राजपुर 5-6 घंटे, झींझक 10-12 घंटे, रूरा 9-10 घंटे, अकबरपुर 10-12 घंटे, शिवली 6-7 घंटे, मूसानगर 4-5 घंटे, अमरौधा में 7-8 घंटे, भोगनीपुर में 9-10 घंटे, सिकन्दरा में 8-10 घंटे बिजली आपूर्ति लोगों को मिल रही है। जिससे किसानों को खेंतो की सिंचाई से लेकर व्यापारियों के व्यापार प्रभावित हो रहे है।

इन सब स्टेशनों से होती है विद्युत आपूर्ति

पनकी विद्युत प्लांट से होने वाली विद्युत सप्लाई जनपद के डेरापुर, झींझक, राजपुर, रूरा, अकबरपुर, शिवली, मूसानगर आदि विद्युत सब स्टेशनों पर स्टोर करने के बाद सम्बंधित क्षेत्र में आपूर्ती की जाती है। अभी हाल में आठ माह पहले स्थापित होने वाले 132 केवी विद्युत स्टेशन कठिका से भी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की जा रही है। इसके अतिरिक्त मंगलपुर में 10 एमबी विद्युत सब स्टेशन बनाने के लिये सर्वे हो चुका है। जिससे 59 गांवों को बिजली आपूर्ति की जायेगी। साथ ही झींझक नगर पालिका के भोलानगर में 10 एमवी सब स्टेशन का कार्य शुरू हो गया है। कार्य समाप्त होते ही लगभग नवम्बर माह से बिजली आपूर्ति देने का अनुमान लगाया जा रहा है।

आगामी विधानसभा चुनाव में फिर होगा बिजली मुद्दा

लोगों की मूलभूत सुविधाओं में रोटी, कपड़ा और मकान के साथ साथ बिजली भी अहम भूमिका अदा करती है। इसलिये लोगों का कहना है कि रोटी कपड़ा और मकान ये तीनों चीजें बिजली के बिना अधूरी हैं। मूसानगर शमशेर, शिवकुमार रूरा के रामप्रकाश, प्रतिभा, सुधांशु शर्मा, राजपुर के लखनलाल, अखिलेश, डेरापुर के अमन, मिंटू, दिनेश चैबे आदि लोगों का कहना है कि फाल्ट, ट्रिपिंग तथा उपकरण खराब होने की समस्या अब हम लोगों का सिरदर्द बन चुकी है। आगमी विधानसभा चुनाव में जनपद के लोगों का बिजली प्रमुख मुद्दा रहेगा।

विद्युत विभाग अधिशाषी अभियंता एनपी सिंह का कहना है कि लोकल फाल्ट होने से आपूर्ति प्रभावित होती है। फाल्ट को रोकने के लिये जर्जर तार व उपकरण बदले जा रहे हैं। जल्द रोस्टर की बिजली उपभोकताओं को मिल सके, इसके लिये प्रयास किये जायेंगे। वहीं अवर अभियंता झींझक सचिन कुमार ने बताया कि लो वोल्टेज व ट्रिपिंग की समस्या से राहत देने के लिये मंगलपुर व झींझक मे दो नये सब स्टेशन तैयार होने जा रहे हैं। झींझक नये सब स्टेशन से नवम्बर में आपूर्ति देने की कोशिश जारी है।

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