कानपुर कोर्ट में हुआ तेज धमाका, मची अफरा-तफरी, कि‍सी के हताहत होने की सूचना नहीं

कानपुर. कानपुर कोर्ट में मंगलवार की दोपहर अचानक एक तेज धमाका हुआ, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, धमाका किस चीज का था, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मि‍ल पाई है। इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वहीं, मौके पर मौजूद एक वकील ने बारूद से धमाका होने की आशंका जताई है। वहीं, कानपुर बार काउंसिल का चुनाव अब 5 अगस्त की जगह अब 6 अगस्त को होगा।
कानपुर कोर्ट के जिला जज के नीचे वाले मंजिल पर अचानक इतना तेज धमाका हुआ कि सब सकते में आ गए। धमाके की आवाज से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते धमाके वाली जगह सैकड़ों वकीलों की भीड़ इकट्ठा हो गई। वहां पर मौजूद वकीलों के मुताबिक, किसी ने ये नहीं देखा कि ये धमाका कैसे हुआ। सब एक दूसरे से इसके बारे में पूछते नजर आए। जिस समय धमाका हुआ उस समय परिसर में जबरदस्त भीड़ थी। धमाके की जगह एक कैंटीन चलता है।
सूतली से आ रही थी बारूद की महक
कैंटीन पर खड़े वकीलों के मुताबिक, वे लोग चाय पी ही रहे थे कि तेज धमाका हुआ। वहीं, एक वकील ने एक सुतली लेकर दिखाया कि इससे बारूद की महक आ रही। जिस जगह धमाका हुआ वहां बारूद की भी महक आ रही थी।
प्रशासन पर लगाया आरोप
वकीलों ने कानपुर प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कानपुर का कोर्ट सुरक्षा की दृष्टि से एकदम सुरक्षित नहीं है। इनके मुताबिक, कोर्ट परिसर में दिखावे के लिए मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे, वह भी अब हट चुके हैं। धमाके के बाद मौके पर पुलिस जांच में जुट गई है।
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  1. एक के बाद एक तीन धमाकों से कचहरी थर्रा उठी। न्यायिक अधिकारियों के साथ जिला जज अरुण कुमार गुप्ता, एडीएम सिटी अविनाश सिंह संग पुलिस का अमला घटनास्थल पर पहुंचा। बम निरोधक दस्ते और खोजी कुत्ते ने कोना-कोना छाना तो सुतली बम फटने के साक्ष्य मिले, जिसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। हालांकि स्वतंत्रता दिवस से पूर्व हुए इन धमाकों को लेकर अधिकारी संजीदा भी हैं। जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।
    सामान्य दिनों की तरह मंगलवार को भी कचहरी में भीड़भाड़ थी। दोपहर करीब 1 बजे अदालतों के बाहर भीड़ लगी थी। वादकारी और पैरोकार अपनी बारी के इंतजार में अदालतों के सामने बैठे थे। बंदी पेशी पर और वकील भी सुनवाई के लिए आ जा रहे थे। प्रथम तल पर स्थित जिला अदालत में ज्योति हत्याकांड की सुनवाई के चलते काफी भीड़ लगी थी। इसी बीच ग्राउंड फ्लोर में एक तेज धमाका हुआ तो बम फटने की आशंका में लोग इधर-उधर भागने लगे। दहशत और भय के इस माहौल में वकील भी भारी संख्या में ग्राउंड फ्लोर पर एकत्रित हो गए। यहां बारूद की दुर्गध आने पर वकील, वादकारी डर गए। इसी बीच एक दूसरा धमाका प्रथम तल स्थित गैलरी में हुआ, जिसके बाद हड़कंप मच गया और लोगों ने ग्राउंड फ्लोर खाली कर दिया। दस मिनट के अंतराल पर तीसरा धमाका हुआ, इस बार आवाज बार एसोसिएशन से आई थी, तो दशहत में लोग उस ओर भागे। हालांकि तीनों ही धमाकों की लोकेशन अंत तक स्पष्ट नहीं हो सकी। इन तीनों ही धमाकों में न तो कोई हताहत हुआ और न किसी तरह का कोई नुकसान हुआ। घटना की सूचना पर जिला जज, एडीएम सिटी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचे। बम निरोधक दस्ते को भी बुला लिया गया। ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर छानबीन शुरू हुई तो सुतली बम के अवशेष मिले जिस पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। एक घंटे तक चली इस अफरा-तफरी के बीच प्रत्याशी भी पहुंच गए। इसी बीच वकीलों ने सुरक्षा को चाक चौबंद करने को लेकर पुलिस व प्रशासन विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी।
    'मौके पर सुतली के कई टुकड़े मिले थे। हड़कंप मचाने के लिए यह किसी की शरारत हो सकती है फिर भी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सुरक्षा कड़ी करने की सख्त हिदायत दी गई है।' -अरुण कुमार गुप्ता, जनपद न्यायाधीश कानपुर नगर
    'तीन धमाकों की जानकारी हुई है, ग्राउंड फ्लोर पर कैंटीन के पास, प्रथम तल और बार एसोसिएशन के पास। प्रथम दृष्ट्या सुतली बम के साक्ष्य सामने आए हैं फिर जांच क्राइम ब्रांच को दी गई है।'- अविनाश सिंह, एडीएम सिटी

  2. न्यायालय परिसर में मंगलवार को सुतली बम का धमाका अनायास ही नहीं था। इसके पीछे या तो किसी शरारती दिमाग की कसरत है या फिर बार एसोसिएशन चुनाव में खलल डालने की साजिश। हालांकि बीते दिनों चर्चा में रही याकूब मेनन की सजा को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता लिहाजा सुतली बम का धमाका बतौर किसी बड़ी वारदात से पहले का ट्रायल भी हो सकता है। कचहरी में धमाकों के बाद वकीलों के बीच तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे। बताते चलें कि इससे पहले छह वर्ष पूर्व न्यायिक अधिकारियों को पत्र के साथ बारूद का सैंपल भेजा गया था और कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
    न्यायालय परिसर के प्रथम तल स्थित गैलरी का स्थान अक्सर खाली रहता है। आम रास्ता न होने पर यहां कोई आता जाता नहीं है। धमाके के लिए शरारती तत्वों ने इस स्थान को चुना। फिर भी यहां सुतली बम में आग लगाकर भागना आसान नहीं है क्योंकि ठीक सामने ही आम रास्ता भी है, और यदि कोई इस तरह की घटना को अंजाम देकर भागता है तो भी किसी न किसी की निगाहों में जरुर चढ़ जाएगा।
    कचहरी के वकील इस बात को बल दे रहे हैं कि धमाका करने वाला कोई बाहरी नहीं बल्कि बीच का ही व्यक्ति है। ऐसा इसलिए कहा जा सकता है कि बहुत ही साफगोई से घटना भी हो गई, हड़कंप मचा और दहशत भी फैली पर सुराग हाथ नहीं लगा। 1बार एसोसिएशन की ओर से भी एक धमाका सुनाई दिया। जिसे बताया गया कि कुछ प्रत्याशी समर्थक जुलूस निकाल रहे थे और पटाखे फोड़े लेकिन न्यायालय परिसर के भीतर तो ऐसा कोई जुलूस नहीं निकाला जा रहा था। वकील मानते हैं कि यदि घटना शरारत है तो भी उचित नहीं लेकिन कुछ और है तो सुरक्षा को लेकर अब गंभीर होने की जरुरत है।

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