मिट्टी परीक्षण में पास हुई मेट्रो परियोजना

कानपुर: मेट्रो परियोजना के लिए मिट्टी परीक्षण का काम पूरा हो गया है। परीक्षण के दौरान 55 स्थलों में से कहीं कोई कमी नहीं मिली है। रिपोर्ट में पाया गया है कि शहर में भूमिगत और एलीवेटेड ट्रैक बनाकर मेट्रो का संचालन किया जा सकता है। टेक्प्रो कंपनी ने परीक्षण रिपोर्ट राइट्स कंपनी को सौंप दी है। परीक्षण में सब कुछ ओके मिलने पर अब अफसरों ने राहत की सांस ली है। उधर राइट्स भी 10 अगस्त तक डीपीआर केडीए को सौंपेगी। 1मेट्रो ट्रेन के स्टेशन हर एक किलोमीटर पर बनाया जाना है। इस तरह 32 किलो मीटर के रूट पर 32 स्टेशन बनाए जाने हैं। पालीटेक्निक में 16 और चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 22 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है। मेट्रो के यार्ड की स्थापना के लिए भूमि भी चिह्नित कर ली गई है। कितनी भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा और कितनी भूमि का पुनर्ग्रहण, इसका निर्धारण भी दो-तीन दिनों में हो जाएगा। फिलहाल कंपनी ने लागत का जो आंकलन किया है, उसके मुताबिक एलीवेटेट ट्रैक बिछाने में प्रति किलोमीटर साढ़े तीन सौ करोड़ रुपये और भूमिगत ट्रैक बिछाने में करीब पांच सौ करोड़ रुपये खर्च आएगा। 



मेट्रो के स्टेशनों के पास ही पार्किंग, शॉपिंग प्लाजा, फूड प्लाजा आदि बनाये जाने हैं ताकि यात्रियों को अन्य सुविधाएं भी मिल सकें। 1 अब कंपनी यह तय करने में जुटी है कि स्टेशन के किस हिस्से में इनकी स्थापना की जाएगी। इसके बाद कंपनी डीपीआर केडीए को कंपनी सौंपेगी। डीपीआर का परीक्षण मंडलायुक्त की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में किया जाएगा। जो कुछ संशोधन होना होगा बैठक में तय होगा इसके बाद आपत्तियों को दूर कर कंपनी दोबारा रिपोर्ट केडीए को सौंपेगी। यही रिपोर्ट मुख्य सचिव को भेजी जाएगी।

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